(चित्र मेरी मोबाइल गैलरी से,
मेरे प्रकृतिप्रेमी बेटे अतुल का है)
और किसानों को हरियाले खेत मुबारक !
अल्हड़ बचपन को कागज की नाव मुबारक !
और जवानी को बारिश का चाव मुबारक !
आसमान को इंद्रधनुष के रंग मुबारक !
झरनों को झर-झर झरने का ढंग मुबारक !
वृक्ष-लताओं को पानी का खेल मुबारक !
बहती नदिया को सागर से मेल मुबारक !
माटी को फिर नए सृजन का गीत मुबारक !
सूनी अँखियों को सपनों का मीत मुबारक !