गुरुवार, 16 अप्रैल 2026

इसका मलाल है !

कहते हैं लोग गीत मेरे बेमिसाल हैं
तुमने मुझे जो गम दिए उनका कमाल है !

दोस्त तो कई मिले जीवन के सफर में
तुझसा न था कोई यही मेरा खयाल है ...

ऐसा नहीं कि बिन तेरे जीना मुहाल है
अफसोस ये, पता नहीं तेरा क्या हाल है ?

तुम छोड़कर चले गए, इसका भी गम नहीं
बस बोलकर नहीं गए, इसका मलाल है...

ना रोए, ना बोले , ना किसी से किया शिकवा
फिर भी हमारे हाल पर क्यूँ ये बवाल है ?

कहते हो तुम कि अब नहीं तुमको मेरी गरज़
तकदीर के शतरंज पर ये किसकी चाल है ? 

हमने तो रंगमंच पर किरदार निभाया
कैसा रहा , ये हाज़िरीन से सवाल है ...







बुधवार, 7 जनवरी 2026

जानकर कौन भला, मोल इसे लेता है

जब भी मैंने कभी, दिल उसका दुखाया होगा
चोट का इक निशां, मेरी रूह पे आया होगा !

जानकर कौन भला, मोल इसे लेता है 
ये मुहब्बत का मर्ज़ खुद चला आया होगा !

मेरे दिल पर लगे, ज़ख्मों को अगर गिन पाओ
करो हिसाब  कि, कितनों ने दुखाया होगा !

अपनी आँखों के आँसुओं को, छिपाने खातिर
एक लतीफ़ा तेरी, महफ़िल में सुनाया होगा  !

मैंने इक हाथ से ये गीत लिखे उसके लिए
पर दुआ में तो, दोनों को उठाया होगा !

ख़ुदा गवाह, इबादत के कुछ लम्हों के सिवा,
एक पल के लिए , तुझको ना भुलाया होगा !

किसी जनम का कहीं, होगा बकाया कुछ तो,
बेसबब तो नहीं, कुदरत ने मिलाया होगा !






















मंगलवार, 6 जनवरी 2026

ये पंछी कहाँ से आते हैं ?

बच्चों द्वारा दिया गया सरप्राइज








          
ये पंछी कहाँ से आते हैं
और दूर कहाँ उड़ जाते हैं
हम इनके गीतों को सुनते,
सपने बुनते रह जाते हैं !

इस उपवन में पलते बढ़ते,
उड़ते हैं ऊँचे नील गगन,
ये डाली - डाली,फुदक - फुदक,
फिरते हैं होकर मस्त मगन !
ये पंछी हैं मेहमानों - से,
पहले लगते अनजानों से,
पर संग इनके रहते - रहते,
हम खुद इनसे जुड़ जाते हैं !

ये पंछी कहाँ से आते हैं
और दूर कहाँ उड़ जाते हैं ?

पंखों को ताकत से भरकर,
अपना दाना पानी चुगकर,
छूने को नभ की ऊँचाई,
निकलेंगे ये घर से बाहर !
जीवन की ये है सच्चाई,
रस्ता ना कोई पूरा सीधा,
बदलेंगी सबकी ही राहें,
सारे रस्ते मुड़ जाते हैं  !

ये पंछी कहाँ से आते हैं
और दूर कहाँ उड़ जाते हैं ?
     
आज मेरी कक्षा ( दसवीं ) के बच्चों को शालेय जीवन से विदा देते हुए मन में कुछ भाव उमड़ आए, जो इस गीत के रूप में अभिव्यक्त हुए ......