शनिवार, 26 सितंबर 2026

जो जिसके लायक होता है....

बोलो कभी बबूल वृक्ष पर
भला आम्रफल फलता है ?
जो जिसके लायक होता है
वो ही उसको मिलता है !

कहते हैं कि पूर्वलिखित है,
किसके बंधन कहाँ बँधेंगे ?
किस रस्ते से मिले हमसफर,
किस दोराहे पर बिछड़ेंगे !
पूर्वलिखित ही अगर सभी कुछ,
फिर किसका वश चलता है !
जो जिसके लायक होता है,
वो ही उसको मिलता है !

आत्मा के अनुबंध तिरस्कृत
देह , देह को मोह रही है
फिर भी कहीं कृष्ण की मीरा
मोहन का पथ जोह रही है !
क्षणिक मिलन के सुख से केवल
चंचल हृदय बहलता है !
जो जिसके लायक होता है 
वो ही उसको  मिलता है !

अपने मन को गंगाजल सा
पावन कहने वालो सुन लो
प्रेम - प्यार में, रण में सब कुछ,
जायज़ कहने वालो सुन लो
यौवन पर इतराना कैसा
इक दिन सबका ढलता है ,
जो जिसके लायक होता है
वो ही उसको मिलता है !








गुरुवार, 16 अप्रैल 2026

इसका मलाल है !

कहते हैं लोग गीत मेरे बेमिसाल हैं
तुमने मुझे जो गम दिए उनका कमाल है !

दोस्त तो कई मिले जीवन के सफर में
तुझसा न था कोई यही मेरा खयाल है ...

ऐसा नहीं कि बिन तेरे जीना मुहाल है
अफसोस ये, पता नहीं तेरा क्या हाल है ?

तुम छोड़कर चले गए, इसका भी गम नहीं
बस बोलकर नहीं गए, इसका मलाल है...

ना रोए, ना बोले , ना किसी से किया शिकवा
फिर भी हमारे हाल पर क्यूँ ये बवाल है ?

कहते हो तुम कि अब नहीं तुमको मेरी गरज़
तकदीर के शतरंज पर ये किसकी चाल है ? 

हमने जो रंगमंच पर किरदार निभाया
कैसा रहा , ये हाज़िरीन से सवाल है ...







बुधवार, 7 जनवरी 2026

जानकर कौन भला, मोल इसे लेता है

जब भी मैंने कभी, दिल उसका दुखाया होगा
चोट का इक निशां, मेरी रूह पे आया होगा !

जानकर कौन भला, मोल इसे लेता है 
ये मुहब्बत का मर्ज़ खुद चला आया होगा !

मेरे दिल पर लगे, ज़ख्मों को अगर गिन पाओ
करो हिसाब  कि, कितनों ने दुखाया होगा !

अपनी आँखों के आँसुओं को, छिपाने खातिर
एक लतीफ़ा तेरी, महफ़िल में सुनाया होगा  !

मैंने इक हाथ से ये गीत लिखे उसके लिए
पर दुआ में तो, दोनों को उठाया होगा !

ख़ुदा गवाह, इबादत के कुछ लम्हों के सिवा,
एक पल के लिए , तुझको ना भुलाया होगा !

किसी जनम का कहीं, होगा बकाया कुछ तो,
बेसबब तो नहीं, कुदरत ने मिलाया होगा !