शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026

कितने भरम मिटा गया...

हैं खुशनसीब वो जिन्हें 
सौगात में मिला !
हमको तो तेरा प्यार 
बस खैरात में मिला !

अक्सर मिला किया मुझे 
तू हमकदम बन कर !
पर जब मिला, बहके हुए 
जज्बात में मिला !

मिलकर भी तू कहाँ मिला, 
पूरा किसी जनम !
जब भी मिला, बिखरे हुए 
हालात में मिला! 

कुछ लोग तुम्हें छीन 
ले गए, बड़े हक से !
हमसे तो बस तू ख्वाब 
ओ खयालात में मिला !

जब भी मेरे अपनों ने 
सजाई कोई महफिल,
मेरी कमी का जिक्र 
बात - बात में मिला !

कितने भरम मिटा गया 
बादल का बरसना ,
कच्चे घरों का दरकना 
बरसात में मिला !

शनिवार, 26 सितंबर 2026

जो जिसके लायक होता है....

बोलो कभी बबूल वृक्ष पर
भला आम्रफल फलता है ?
जो जिसके लायक होता है
वो ही उसको मिलता है !

कहते हैं कि पूर्वलिखित है,
किसके बंधन कहाँ बँधेंगे ?
किस रस्ते से मिले हमसफर,
किस दोराहे पर बिछड़ेंगे !
पूर्वलिखित ही अगर सभी कुछ,
फिर किसका वश चलता है !
जो जिसके लायक होता है,
वो ही उसको मिलता है !

आत्मा के अनुबंध तिरस्कृत
देह , देह को मोह रही है
फिर भी कहीं कृष्ण की मीरा
मोहन का पथ जोह रही है !
क्षणिक मिलन के सुख से केवल
चंचल हृदय बहलता है !
जो जिसके लायक होता है 
वो ही उसको  मिलता है !

अपने मन को गंगाजल सा
पावन कहने वालो सुन लो
प्रेम - प्यार में, रण में सब कुछ,
जायज़ कहने वालो सुन लो
यौवन पर इतराना कैसा
इक दिन सबका ढलता है ,
जो जिसके लायक होता है
वो ही उसको मिलता है !








गुरुवार, 16 अप्रैल 2026

इसका मलाल है !

कहते हैं लोग गीत मेरे बेमिसाल हैं
तुमने मुझे जो गम दिए उनका कमाल है !

दोस्त तो कई मिले जीवन के सफर में
तुझसा न था कोई यही मेरा खयाल है ...

ऐसा नहीं कि बिन तेरे जीना मुहाल है
अफसोस ये, पता नहीं तेरा क्या हाल है ?

तुम छोड़कर चले गए, इसका भी गम नहीं
बस बोलकर नहीं गए, इसका मलाल है...

ना रोए, ना बोले , ना किसी से किया शिकवा
फिर भी हमारे हाल पर क्यूँ ये बवाल है ?

कहते हो तुम कि अब नहीं तुमको मेरी गरज़
तकदीर के शतरंज पर ये किसकी चाल है ? 

हमने जो रंगमंच पर किरदार निभाया
कैसा रहा , ये हाज़िरीन से सवाल है ...