चिड़िया

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बुधवार, 7 जनवरी 2026

जानकर कौन भला, मोल इसे लेता है

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जब भी मैंने कभी, दिल उसका दुखाया होगा चोट का इक निशां, मेरी रूह पे आया होगा ! जानकर कौन भला, मोल इसे लेता है  ये मुहब्बत का मर्ज़ खुद चला आय...
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मंगलवार, 6 जनवरी 2026

ये पंछी कहाँ से आते हैं ?

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बच्चों द्वारा दिया गया सरप्राइज            ये पंछी कहाँ से आते हैं और दूर कहाँ उड़ जाते हैं हम इनके गीतों को सुनते, सपने बुनते रह जाते हैं !...
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शनिवार, 3 जनवरी 2026

बिगड़े जो कभी बात तो...

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व्यवहार बदल देते हैं औकात देखकर मुंह फेर लेते, लोग हैं हालात देखकर ! रिश्तों की इस बाजार में , लगती हैं बोलियाँ करते हैं लेन - देन, मोल - भा...
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मंगलवार, 1 जुलाई 2025

विचित्र लोग

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बड़े विचित्र होते हैं कुछ लोग भटकते हैं प्रेम की तलाश में लेकिन अहं इतना प्रबल होता है कि स्वीकार नहीं कर पाते ना ही जता पाते हैं किसी तरह ब...
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शुक्रवार, 27 जून 2025

पुनः बसंत लिखूँगी !

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पतझड़ के मौसम में झड़ते पात - पात की पीड़ाओं को, झंझा की झकझोरों से झरने वाली कच्ची कलियों को, लिखने वाले खूब लिख गए, मैं पतझड़ का अंत लिखूँगी ...
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Meena sharma
लिखने से अधिक शौक पढ़ने का रहा। ब्लॉग जगत से परिचय होने के बाद अपनी स्वरचित रचनाओं को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से ब्लॉग बनाया। 'अब ना रुकूँगी', 'ओस की बूँदें' (साझा), 'तब गुलमोहर खिलता है' ये तीन कवितासंग्रह प्रकाशित।
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