चिड़िया
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सोमवार, 6 जून 2022
तुमको पाती प्रिये....
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तुमको पाती प्रिये, मैं कहाँ से लिखूँ ? किसी ने मेरी, लेखनी छीन ली। मेघ सुधियों के बेरुत बरसने लगे, ताल नयनों का बरबस छ्लकने लगा ! भीगने से ...
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शनिवार, 30 अप्रैल 2022
हुड़दंग मत करो भई !
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रंग मेरे बजरंग का बदरंग मत करो भई, हनुमानजी के नाम पर हुड़दंग मत करो भई !!! है अगर लड़ना तुम्हें , आतंकियों से तुम ...
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शुक्रवार, 25 मार्च 2022
याद कहाँ रहता है हम दीवानों को !
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काम नहीं आती है अक्ल मुहब्बत में, याद कहाँ रहता है हम दीवानों को ! मौत खींचकर पास बुला ही लेती है, जाना, जब जलते देखा परवानों को ! एक समय जो...
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