चिड़िया

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रविवार, 24 जुलाई 2016

हर पल

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हर पल साथ अपनों का जब मिले हर पल, यूँ ही चलता रहे सफर हर पल... वक्त की खिड़कियों को बंद ना कर, खुशबू यादों की आ रही हर पल... दिल क...
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सोमवार, 4 जुलाई 2016

अभिलाषा

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अभिलाषा कभी तुझसे कोई शिकायत नहीं हो चाहे जैसे रहूँ चाहे जो भी सहूँ ! कभी तुझसे कोई.... तू परछाईं जैसे मेरे संग रहना ये संसार अप...
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रविवार, 26 जून 2016

आखिर किसलिए ?

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आखिर किसलिए ? रख दी गिरवी यहाँ अपनी साँसे पर किसी को फिकर तो नहीं बहते बहते उमर जा रही है आया साहिल नजर तो नहीं.... वक्त अपने लिए ...
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Meena sharma
लिखने से अधिक शौक पढ़ने का रहा। ब्लॉग जगत से परिचय होने के बाद अपनी स्वरचित रचनाओं को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से ब्लॉग बनाया। 'अब ना रुकूँगी', 'ओस की बूँदें' (साझा), 'तब गुलमोहर खिलता है' ये तीन कवितासंग्रह प्रकाशित।
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