चिड़िया

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गुरुवार, 1 फ़रवरी 2018

शब्दों में प्यार कहूँ कैसे ?

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परिभाषित प्रेम को कैसे करूँ, शब्दों में प्यार कहूँ कैसे ? जो वृंदावन की माटी है, उसको श्रृंगार कहूँ कैसे ? प्रेम नहीं, शैय्या का सु...
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Meena sharma
लिखने से अधिक शौक पढ़ने का रहा। ब्लॉग जगत से परिचय होने के बाद अपनी स्वरचित रचनाओं को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से ब्लॉग बनाया। 'अब ना रुकूँगी', 'ओस की बूँदें' (साझा), 'तब गुलमोहर खिलता है' ये तीन कवितासंग्रह प्रकाशित।
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