गुरुवार, 16 अप्रैल 2026

इसका मलाल है !

कहते हैं लोग गीत मेरे बेमिसाल हैं
तुमने मुझे जो गम दिए उनका कमाल है !

दोस्त तो कई मिले जीवन के सफर में
तुझसा न था कोई यही मेरा खयाल है ...

ऐसा नहीं कि बिन तेरे जीना मुहाल है
अफसोस ये, पता नहीं तेरा क्या हाल है ?

तुम छोड़कर चले गए, इसका भी गम नहीं
बस बोलकर नहीं गए, इसका मलाल है...

ना रोए, ना बोले , ना किसी से किया शिकवा
फिर भी हमारे हाल पर क्यूँ ये बवाल है ?

कहते हो तुम कि अब नहीं तुमको मेरी गरज़
तकदीर के शतरंज पर ये किसकी चाल है ? 

हमने जो रंगमंच पर किरदार निभाया
कैसा रहा , ये हाज़िरीन से सवाल है ...







6 टिप्‍पणियां:

  1. गम के बीज ही तो ज़िंदगी में ख़ुशी के फूल खिलाते हैं

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  2. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में सोमवार 20 एप्रिल, 2026 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!

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