चिड़िया
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गुरुवार, 10 जून 2021
तारे हैं दूर आसमां में
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तारे हैं दूर आसमां में और जमीं पे हम, बस, इक सितारा छूने का अरमां लिए हुए। सबको कहाँ मिलते हैं घर, वादी में गुलों की। काँटों के घरौंदों ...
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मंगलवार, 25 मई 2021
फिरौती
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कभी वह भी प्रकृति से जुड़ी थी, किताबों में खोई रहती थी, जिंदगी में क्या चाहिए, पूछने पर जवाब देती थी - एक हरा भरा शांत कोना और एक पुस्तकों से...
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शनिवार, 13 मार्च 2021
मुस्कुराए भर थे हम तो...
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मुस्कुराए भर थे हम तो देखकर उनकी तरफ, बात थी छोटी सी, मगर बन गई कहानियाँ ! मुस्कुराए भर थे हम तो.... उम्र तो बस उम्र थी, बीतती चली गई...
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