चिड़िया
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शनिवार, 25 जनवरी 2020
है वही प्रार्थना शुभकारी !
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जिन वादों में, संवादों में ना हृदय कहीं, ना भाव कहीं। संबंध नहीं, व्यापार हैं वो अपनों - सा जहाँ बर्ताव नहीं ! आँधी के संग उड़ते-उ...
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मंगलवार, 7 जनवरी 2020
द्वीप
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अतलस्पर्शी गहन मौन का एक महासागर फैला है तुमसे मुझ तक,मुझसे तुम तक ! दो वीराने द्वीपों-से हम, अपनी - अपनी सीमाओं में सिमटे, ठहरे, ब...
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शुक्रवार, 13 दिसंबर 2019
टुकड़े-टुकड़े हो जाते हैं !
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फिर कुछ बातें याद आती हैं फिर कुछ लम्हे तड़पाते हैं ! कोई खुदा-सा हो जाता है और हम सजदा कर जाते हैं। रिश्तों के गहरे दरिया में बहते है...
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