चिड़िया

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मंगलवार, 27 नवंबर 2018

बुलाता है कोई !

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ना जाने किसकी है आवाज, बुलाता है कोई !!! ना है सूरत का पता और ना ही सीरत का, फिर भी मन पर मेरे अधिकार जताता है कोई ! ना जाने किसकी ...
बुधवार, 21 नवंबर 2018

एक बार फिर !!!

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शून्य से जाना शिखर तक, एक बार फिर !!! आज जुड़ना है बिखरकर, एक बार फिर !!! फिर हथेली पर खुशी के बीज बोने-सींचने हैं फूल उम्मीदों के, खिलत...
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मंगलवार, 13 नवंबर 2018

तुम रहो ना, पास यूँ ही !!!

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बीत जाए ज़िंदगी का, ना कहीं मधुमास यूँ ही !!! तुम रहो ना, पास यूँ ही ।। बरसने दो नेह को, आँखों के बादलों से तुम ! हूँ अभी ज़िंदा, मुझे ...
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Meena sharma
लिखने से अधिक शौक पढ़ने का रहा। ब्लॉग जगत से परिचय होने के बाद अपनी स्वरचित रचनाओं को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से ब्लॉग बनाया। 'अब ना रुकूँगी', 'ओस की बूँदें' (साझा), 'तब गुलमोहर खिलता है' ये तीन कवितासंग्रह प्रकाशित।
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