चिड़िया
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मंगलवार, 28 अगस्त 2018
तू और याद आया !!!
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ना पाने की चाहत, ना खोने की हिम्मत ये है कैसा जादू, ये है कैसी शिद्दत, कि जितना तुझे भूलना मैंने चाहा तू और याद आया, तू और याद आया !!! ...
गुरुवार, 9 अगस्त 2018
कवच हो तिरंगा !!!
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रणबाँकुरे जो देश की तकदीर लिखते हैं मैं भला उन पर लिखूँ तो क्या लिखूँ ? आँधियों को बाजुओं में किस तरह बाँधूँ, दो आँसुओं में किस तर...
रविवार, 5 अगस्त 2018
कोई दोस्त है ना रक़ीब है....
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कोई दोस्त है ना रक़ीब है, तेरा शहर कितना अजीब है। वो जो इश्क था, वो जुनून था, ये जो हिज्र है, ये नसीब है। यहाँ किसका चेहरा पढ़ा करें, यह...
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