चिड़िया
https://chidiyya.blogspot.in
रविवार, 18 फ़रवरी 2018
मैं दीपशिखा - सी जलती हूँ !
›
जाने किस ईश्वर की मूरत मैं मन ही मन में गढ़ती हूँ, पूजा करने उस मूरत की मैं दीपाशिखा-सी जलती हूँ ! सपनों की भूलभुलैया में मैं करती ह...
1 टिप्पणी:
शुक्रवार, 16 फ़रवरी 2018
मन तुझे ढ़ूँढ़ने फिर चला
›
खोजा मैंने मंदिर - मंदिर, कान्हा ! तू ना कहीं मिला ! तेरी मुरली से खिंचता हुआ सा मन तुझे ढूँढ़ने फिर चला !!! खुशबू तेरी ही हर इक सुमन...
1 टिप्पणी:
मंगलवार, 13 फ़रवरी 2018
मेरे मीठे मनुआ !
›
निर्गुण भजनों की श्रृंखला में एक और पुष्प समर्पित है --- (4) मेरे मीठे मनुआ, तू हरि को ना बिसराना ! मेरे सोहणे मनुआ, तू प्रभु को ना...
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें