चिड़िया

https://chidiyya.blogspot.in

सोमवार, 31 जुलाई 2017

बाबुल मेरे !

›
सावन के बहाने, बुला भेजो बाबुल, बचपन को कर लूँगी याद रे ! बाबुल मेरे ! तेरे कलेजे से लग के ।। नन्हें से पाँवों में, चाँदी की पायल, प...
11 टिप्‍पणियां:
शनिवार, 29 जुलाई 2017

बात सितारों की करती हूँ !

›
चलती तो धरती पर हूँ पर बात सितारों की करती हूँ ! पतझड़ है तो क्या ग़म है, उम्मीद बहारों की करती हूँ ।। पिघल-पिघलकर ज्यों हिमराशि, जलध...
रविवार, 23 जुलाई 2017

हर दौर गुजरता रहा

›
जिंदगी चलती रही, हर दौर गुजरता रहा, इम्तहां पर इम्तहां ले,  वक्त सरकता रहा । इस बार अलग था कुछ, अंदाजे-बयां उनका, लफ्जों में छुपा खंजर,...
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
Meena sharma
लिखने से अधिक शौक पढ़ने का रहा। ब्लॉग जगत से परिचय होने के बाद अपनी स्वरचित रचनाओं को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से ब्लॉग बनाया। 'अब ना रुकूँगी', 'ओस की बूँदें' (साझा), 'तब गुलमोहर खिलता है' ये तीन कवितासंग्रह प्रकाशित।
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.