चिड़िया
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मंगलवार, 21 फ़रवरी 2017
जीवन - घट रिसता जाए है...
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जीवन-घट रिसता जाए है... काल गिने है क्षण-क्षण को, वह पल-पल लिखता जाए है... जीवन-घट रिसता जाए है । इस घट में ही कालकूट विष, अमृत है इस...
रविवार, 19 फ़रवरी 2017
आधा चंद्र
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आज गगन में, आधा चंदा निकला है, टूट के आधा, कहाँ गिर गया रस्ते में ? गिरते गिरते अटक गया, या कहीं रास्ता भटक गया? चलो पार्क में देखें...
गुरुवार, 16 फ़रवरी 2017
कन्हैया
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तेरी कृपा का अनुभव. हर बार हुआ मुझको, बिन देखे तुझे, तुझसे अब प्यार हुआ मुझको.... मैंने ये जब भी समझा तू पास नहीं मेरे, मेरे ही दिल ...
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